पति प्राप्ति – पार्वती स्तोत्रम् (Pati Prapti Parvati Stotra

पति प्राप्ति – पार्वती स्तोत्रम् (Pati Prapti Parvati Stotra

पति प्राप्ति – पार्वती स्तोत्रम् (Pati Prapti Parvati Stotra   ॥ जानकीकृतं पार्वतीस्तोत्रम् ॥ जानकी उवाच: शक्तिस्वरूपे सर्वेषां सर्वाधारे गुणाश्रये । सदा शंकरयुक्ते च पतिं देहि नमोsस्तु ते ॥1॥ सृष्टिस्थित्यन्त रूपेण सृष्टिस्थित्यन्त रूपिणी । सृष्टिस्थियन्त बीजानां बीजरूपे नमोsस्तु ते ॥2॥ हे गौरि पतिमर्मज्ञे पतिव्रतपरायणे । पतिव्रते पतिरते पतिं देहि नमोsस्तु ते ॥3॥ सर्वमंगल मंगल्ये सर्वमंगल … Read more

सीता कल्याण वैभोगमे (Seetha Kalyana Vaibhogame

सीता कल्याण वैभोगमे (Seetha Kalyana Vaibhogame

सीता कल्याण वैभोगमे (Seetha Kalyana Vaibhogame   सीता कल्याण वैभोगमे राम कल्याण वैभोगमे पवनज स्तुति पात्र पावन चरित्र रवि सोम वर नेत्र रमणीय गात्र भक्त जन परिपाल भरित शर जाल भुक्ति मुक्तिद लील भू-देव पाल पाम(रा)सुर भीम परिपूर्ण काम श्याम जग(द)भिराम साकेत धाम सर्व लो(का)धार सम(रै)क वीर गर्व मानव दूर कन(का)ग धीर निग(मा)गम विहार निरुपम … Read more

श्री शिवसहस्रनामावली (Shiv 1008 Sahastra Namavali)

श्री शिवसहस्रनामावली (Shiv 1008 Sahastra Namavali)

श्री शिवसहस्रनामावली (Shiv 1008 Sahastra Namavali)   ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ प्रवराय नमः । ॐ वरदाय नमः । ॐ वराय नमः । ॐ सर्वात्मने नमः । ॐ सर्वविख्याताय नमः । ॐ सर्वस्मै नमः ॥ १० ॥ ॐ सर्वकराय नमः । ॐ भवाय नमः । ॐ जटिने … Read more

श्री गंगा स्तोत्रम् (Maa Ganga Stortam

श्री गंगा स्तोत्रम् (Maa Ganga Stortam

श्री गंगा स्तोत्रम् (Maa Ganga Stortam   श्री गंगा जी की स्तुति गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम् । त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम् ॥ माँ गंगा स्तोत्रम्॥ देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे । शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले ॥१॥ भागीरथि सुखदायिनि मातस्तव जलमहिमा निगमे ख्यातः । नाहं जाने तव महिमानं पाहि कृपामयि मामज्ञानम् ॥ २॥ हरिपदपाद्यतरङ्गिणि … Read more

गुरु पादुका स्तोत्रम् (Guru Paduka Stotram

गुरु पादुका स्तोत्रम् (Guru Paduka Stotram

गुरु पादुका स्तोत्रम् (Guru Paduka Stotram   ॥ श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् ॥ अनंत-संसार समुद्र-तार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् । वैराग्य साम्राज्यद पूजनाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥1॥ कवित्व वाराशिनिशाकराभ्यां दौर्भाग्यदावांबुदमालिकाभ्याम् । दूरिकृतानम्र विपत्ततिभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥2॥ नता ययोः श्रीपतितां समीयुः कदाचिद-प्याशु दरिद्रवर्याः । मूकाश्च वाचस्पतितां हि ताभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥3॥ नालीकनीकाश पदाहृताभ्यां नानाविमोहादि-निवारिकाभ्यां । नमज्जनाभीष्टततिप्रदाभ्यां … Read more

सदाशिव अष्टकम् (Sadashiv Ashtakam

सदाशिव अष्टकम् (Sadashiv Ashtakam

सदाशिव अष्टकम् (Sadashiv Ashtakam   सुवर्णपद्मिनी-तटान्त-दिव्यहर्म्य-वासिने सुपर्णवाहन-प्रियाय सूर्यकोटि-तेजसे । अपर्णया विहारिणे फणाधरेन्द्र-धारिणे सदा नमश्शिवाय ते सदाशिवाय शंभवे ॥ १॥ सतुङ्ग भङ्ग जह्नुजा सुधांशु खण्ड मौळये पतङ्गपङ्कजासुहृत्कृपीटयोनिचक्षुषे । भुजङ्गराज-मण्डलाय पुण्यशालि-बन्धवे सदा नमश्शिवाय ते सदाशिवाय शंभवे ॥ २॥ चतुर्मुखाननारविन्द-वेदगीत-भूतये चतुर्भुजानुजा-शरीर-शोभमान-मूर्तये । चतुर्विधार्थ-दान-शौण्ड ताण्डव-स्वरूपिणे सदा नमश्शिवाय ते सदाशिवाय शंभवे ॥ ३॥ शरन्निशाकर प्रकाश मन्दहास मञ्जुला धरप्रवाळ भासमान वक्त्रमण्डल श्रिये । … Read more

भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र (Bhagwan Narasimha Gayatri Mantra

भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र (Bhagwan Narasimha Gayatri Mantra

भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र (Bhagwan Narasimha Gayatri Mantra ॥ भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र ॥ ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्॥ मन्त्र अर्थ हम उन नृसिंह भगवान का ध्यान करते हैं, जिनके वज्र के समान कठोर नख हैं तथा अत्यन्त तीक्ष्ण दाँत हैं। वे भगवान नरसिंह हमारी बुद्धि एवं मन को ज्ञान से प्रकाशित … Read more

नरसिम्हा अष्टोत्तर शतनामावली (Narasimha ashtottara shatanamavali

नरसिम्हा अष्टोत्तर शतनामावली (Narasimha ashtottara shatanamavali

नरसिम्हा अष्टोत्तर शतनामावली (Narasimha ashtottara shatanamavali   नरसिम्हा अष्टोत्तर शतनामावली ॐ नारसिंहाय नमः। ॐ महासिंहाय नमः। ॐ दिव्यसिंहाय नमः। ॐ महाबलाय नमः। ॐ उग्रसिंहाय नमः। ॐ महादेवाय नमः। ॐ स्तम्भजाय नमः। ॐ उग्रलोचनाय नमः। ॐ रौद्राय नमः। ॐ सर्वाद्भुताय नमः। ॐ श्रीमते नमः। ॐ योगानन्दाय नमः। ॐ त्रिविक्रमाय नमः। ॐ हरये नमः। ॐ कोलाहलाय नमः। … Read more

शिव स्तुति, विद्येश्वरसंहिता श्रीशिवमहापुराण (Shiv Stuti, Vidyeshvara Samhita Shivmahapuran

शिव स्तुति, विद्येश्वरसंहिता श्रीशिवमहापुराण (Shiv Stuti, Vidyeshvara Samhita Shivmahapuran

शिव स्तुति, विद्येश्वरसंहिता श्रीशिवमहापुराण (Shiv Stuti, Vidyeshvara Samhita Shivmahapuran   ॥ ॐ श्रीसाम्बशिवाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ आद्यन्तमङ्गलमजातसमानभाव- मार्यं तमीशमजरामरमात्मदेवम् । पञ्चाननं प्रबलपञ्चविनोदशीलं सम्भावये मनसि शङ्करमम्बिकेशम् ॥ – [ श्रीशिवमहापुराण / प्रथम-खण्ड – पूर्वार्ध /विद्येश्वरसंहिता / प्रथमोऽध्यायः / मुनिप्रश्नोत्तरवर्णनम् ] हिन्दी अनुवाद: जो आदि और अन्तमें [तथा मध्यमें भी] नित्य मङ्गलमय हैं, … Read more

कर्पूरगौरं करुणावतारं (Karpura Gauram Karuna Avataram

कर्पूरगौरं करुणावतारं (Karpura Gauram Karuna Avataram

कर्पूरगौरं करुणावतारं (Karpura Gauram Karuna Avataram   कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् । सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि ॥ हिन्दी अनुवाद: शरीर कपूर की तरह गोरा है, जो करुणा के अवतार है, जो शिव संसार के मूल हैं। और जो महादेव सर्पराज को गले में हार के रूप में धारण किए हुए हैं, ऐसे हमेशा प्रसन्न … Read more