शिव भो शंम्भो शिव शम्भो स्वयंभो – मंत्र (Bho Shambho Shiva Shambho Swayambho

शिव भो शंम्भो शिव शम्भो स्वयंभो – मंत्र (Bho Shambho Shiva Shambho Swayambho

शिव भो शंम्भो शिव शम्भो स्वयंभो – मंत्र (Bho Shambho Shiva Shambho Swayambho   शिव भो शंम्भो शिव शम्भो स्वयंभो भो शम्भो शिव शम्भो स्वयंभो गङ्गाधर शंकर करुणाकर मामव भवसागर तारक निर्गुण परब्रह्म स्वरुप गमगम भूत प्रपञ्चा रहित निज गुहानिहित नितान्त अनन्त आनन्द अतिशय अक्सयलिङ्ग धिमित धिमित धिमि धिमिकित किततों तों तों तरिकित तरिकितकित तों … Read more

बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् (Bilva Ashtottara Shatnam Stotram

बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् (Bilva Ashtottara Shatnam Stotram

बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् (Bilva Ashtottara Shatnam Stotram   अथ बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् । त्रिजन्म पापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १॥ त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः । तव पूजां करिष्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ २॥ सर्वत्रैलोक्यकर्तारं सर्वत्रैलोक्यपालनम् । सर्वत्रैलोक्यहर्तारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ३॥ नागाधिराजवलयं नागहारेण भूषितम् । नागकुण्डलसंयुक्तं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ४॥ अक्षमालाधरं रुद्रं पार्वतीप्रियवल्लभम् । … Read more

शिव स्तुति: ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं (Shiv Stuti: Om Vande Dev Umapatin Surguru

शिव स्तुति: ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं (Shiv Stuti: Om Vande Dev Umapatin Surguru

शिव स्तुति: ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं (Shiv Stuti: Om Vande Dev Umapatin Surguru   ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् । वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम् ॥ वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे मुकुन्दप्रियम् । वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं, वन्दे शिवंशंकरम् ॥

सौराष्ट्रे सोमनाथं – द्वादश ज्योतिर्लिंग – मंत्र (Saurashtre Somanathan – Dwadas Jyotirlingani

सौराष्ट्रे सोमनाथं – द्वादश ज्योतिर्लिंग – मंत्र (Saurashtre Somanathan – Dwadas Jyotirlingani

सौराष्ट्रे सोमनाथं – द्वादश ज्योतिर्लिंग – मंत्र (Saurashtre Somanathan – Dwadas Jyotirlingani   सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् । उज्जयिन्यां महाकालम्ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम् । सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥२॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे । हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये ॥३॥ एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः । सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन … Read more

वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र (Vakratunda Mahakaya Ganesh Shlok

वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र (Vakratunda Mahakaya Ganesh Shlok

वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र (Vakratunda Mahakaya Ganesh Shlok   वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ हिन्दी रूपांतरण: वक्रतुण्ड: घुमावदार सूंड महाकाय: महा काया, विशाल शरीर सूर्यकोटि: सूर्य के समान समप्रभ: महान प्रतिभाशाली निर्विघ्नं: बिना विघ्न कुरु: पूरे करें मे: मेरे देव: प्रभु सर्वकार्येषु: सारे कार्य सर्वदा: हमेशा, सदैव … Read more

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि (108 Shri Ganesh Ji

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि (108 Shri Ganesh Ji

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि (108 Shri Ganesh Ji   श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः । गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः । विघ्नराज- ॐ विघ्नराजाय नमः । विनायक- ॐ विनायकाय नमः । द्वैमातुर- ॐ द्वैमातुराय नमः । द्विमुख- ॐ द्विमुखाय नमः । प्रमुख- ॐ प्रमुखाय नमः । सुमुख-ॐ … Read more

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम् (Gopal Sahastranam Stotram

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम् (Gopal Sahastranam Stotram

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम् (Gopal Sahastranam Stotram   अथ ध्यानम कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्ष:स्थले कौस्तुभं नासाग्रे वरमौत्तिकं करतले वेणुं करे कंकणम । सर्वाड़्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलि – र्गोपस्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणि: ॥1॥ फुल्लेन्दीवरकान्तिमिन्दुवदनं बर्हावतंसप्रियं श्रीवत्साड़्कमुदारकौस्तुभधरं पीताम्बरं सुन्दरम । गोपीनां नयनोत्पलार्चिततनुं गोगोपसंघावृतं गोविन्दं कलवेणुवादनपरं दिव्याड़्गभूषं भजे ॥2॥ इति ध्यानम ऊँ क्लीं देव: कामदेव: कामबीजशिरोमणि: । श्रीगोपालको … Read more

मदन मोहन अष्टकम (Madana Mohana Ashtakam

मदन मोहन अष्टकम (Madana Mohana Ashtakam

मदन मोहन अष्टकम (Madana Mohana Ashtakam   जय शङ्खगदाधर नीलकलेवर पीतपटाम्बर देहि पदम् । जय चन्दनचर्चित कुण्डलमण्डित कौस्तुभशोभित देहि पदम् ॥१॥ जय पङ्कजलोचन मारविमोहन पापविखण्डन देहि पदम् । जय वेणुनिनादक रासविहारक वङ्किम सुन्दर देहि पदम् ॥२॥ जय धीरधुरन्धर अद्भुतसुन्दर दैवतसेवित देहि पदम् । जय विश्वविमोहन मानसमोहन संस्थितिकारण देहि पदम् ॥३॥ जय भक्तजनाश्रय नित्यसुखालय अन्तिमबान्धव देहि … Read more

दशरथकृत शनि स्तोत्र (Dashratha Shani Sotra

दशरथकृत शनि स्तोत्र (Dashratha Shani Sotra

दशरथकृत शनि स्तोत्र (Dashratha Shani Sotra   दशरथ उवाच: प्रसन्नो यदि मे सौरे ! एकश्चास्तु वरः परः ॥ रोहिणीं भेदयित्वा तु न गन्तव्यं कदाचन् । सरितः सागरा यावद्यावच्चन्द्रार्कमेदिनी ॥ याचितं तु महासौरे ! नऽन्यमिच्छाम्यहं । एवमस्तुशनिप्रोक्तं वरलब्ध्वा तु शाश्वतम् ॥ प्राप्यैवं तु वरं राजा कृतकृत्योऽभवत्तदा । पुनरेवाऽब्रवीत्तुष्टो वरं वरम् सुव्रत ॥ दशरथकृत शनि स्तोत्र: नम: … Read more

श्री महालक्ष्मी अष्टक (Shri Mahalakshmi Ashtakam

श्री महालक्ष्मी अष्टक (Shri Mahalakshmi Ashtakam

श्री महालक्ष्मी अष्टक (Shri Mahalakshmi Ashtakam   श्री शुभ ॥ श्री लाभ ॥ श्री गणेशाय नमः॥ नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥१॥ नमस्ते गरूडारूढे कोलासूर भयंकरी । सर्व पाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥२॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्ट भयंकरी । सर्व दुःख हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥३॥ सिद्धीबुद्धूीप्रदे देवी भुक्तिमुक्ति प्रदायिनी … Read more