श्री लक्ष्मी सुक्तम् – ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम् (Sri Lakshmi Suktam – Om Hiranya Varnam

श्री लक्ष्मी सुक्तम् – ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम् (Sri Lakshmi Suktam – Om Hiranya Varnam

श्री लक्ष्मी सुक्तम् – ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम् (Sri Lakshmi Suktam – Om Hiranya Varnam   हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् । श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥३॥ कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां … Read more

नाग स्तोत्रम् (Naag Sarpa Stotram

नाग स्तोत्रम् (Naag Sarpa Stotram

नाग स्तोत्रम् (Naag Sarpa Stotram   ब्रह्म लोके च ये सर्पाः शेषनागाः पुरोगमाः । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥१॥ विष्णु लोके च ये सर्पाः वासुकि प्रमुखाश्चये । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥२॥ रुद्र लोके च ये सर्पाः तक्षकः प्रमुखास्तथा । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥३॥ खाण्डवस्य … Read more

श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले (Dashavtar Stotram: Pralay Payodhi Jale

श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले (Dashavtar Stotram: Pralay Payodhi Jale

श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले (Dashavtar Stotram: Pralay Payodhi Jale प्रलय पयोधि-जले धृतवान् असि वेदम् विहित वहित्र-चरित्रम् अखेदम् केशव धृत-मीन-शरीर, जय जगदीश हरे क्षितिर् इह विपुलतरे तिष्ठति तव पृष्ठे धरणि- धारण-किण चक्र-गरिष्ठे केशव धृत-कूर्म-शरीर जय जगदीश हरे वसति दशन शिखरे धरणी तव लग्ना शशिनि कलंक कलेव निमग्ना केशव धृत शूकर रूप जय जगदीश हरे तव … Read more

श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे (Shri Ram Raameti Raameti, Rame Raame Manorame

श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे (Shri Ram Raameti Raameti, Rame Raame Manorame

श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे (Shri Ram Raameti Raameti, Rame Raame Manorame राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥ सम्वन्धित कथा: एक बार भूतभावन भगवान शिव ने अपनी प्राणवल्लभा पार्वती जी से अपने ही साथ भोजन करने का अनुरोध किया। भगवती पार्वती जी ने यह कहकर टाला कि … Read more

श्री दीनबंधु अष्टकम (Shri Dinabandhu Ashtakam)

श्री दीनबंधु अष्टकम (Shri Dinabandhu Ashtakam)

श्री दीनबंधु अष्टकम (Shri Dinabandhu Ashtakam) ॥ श्री दीनबन्ध्वष्टकम् ॥ यस्मादिदं जगदुदेति चतुर्मुखाद्यंयस्मिन्नवस्थितमशेषमशेषमूले। यत्रोपयाति विलयं च समस्तमन्तेदृग्गोचरो भवतु मेऽद्य स दीनबन्धुः॥1॥ चक्रं सहस्रकरचारु करारविन्देगुर्वी गदा दरवरश्च विभाति यस्य। पक्षीन्द्रपृष्ठपरिरोपितपादपद्मो।दृग्गोचरो भवतु मेऽद्य स दीनबन्धुः॥2॥ येनोद्धृता वसुमती सलिले निमग्ना नग्नाच पाण्डववधूः स्थगिता दुकूलैः। संमोचितो जलचरस्य मुखाद्गजेन्द्रो।दृग्गोचरो भवतु मेऽद्य स दीनबन्धुः॥3॥ यस्यार्द्रदृष्टिवशतस्तु सुराः समृद्धिंकोपेक्षणेन दनुजा विलयं व्रजन्ति। भीताश्चरन्ति … Read more

श्री रामाष्टकम् – व्यासविरचितं (shri-ram-ashtakam-vyasrachit

श्री रामाष्टकम् – व्यासविरचितं (shri-ram-ashtakam-vyasrachit

श्री रामाष्टकम् – व्यासविरचितं (shri-ram-ashtakam-vyasrachit   ॥ श्रीरामाष्टकम् ॥ भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम् । स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव राममद्वयम् ॥ १॥ जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकम् । स्वभक्तभीतिभङ्जनं भजेह राममद्वयम् ॥ २॥ निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवापहम् । समं शिवं निरञ्जनं भजेह राममद्वयम् ॥ ३॥ सहप्रपञ्चकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् । निराकृतिं निरामयं भजेह राममद्वयम् ॥ ४॥ निष्प्रपञ्चनिर्विकल्पनिर्मलं निरामयम्। चिदेकरूपसन्ततं भजेह राममद्वयम् ॥ ५॥ भवाब्धिपोतरूपकं ह्यशेषदेहकल्पितम् … Read more

श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम (Ashtalakshmi Stothram

श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम (Ashtalakshmi Stothram

श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम (Ashtalakshmi Stothram   अथ श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम 1. आद्य लक्ष्मी सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममये, मुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायिनि, मंजुल भाषिणी वेदनुते । पंकजवासिनी देव सुपूजित, सद्गुण वर्षिणी शान्तियुते, जय जय हे मधुसूदन कामिनी, आद्य लक्ष्मी परिपालय माम् ॥1॥ 2. धान्यलक्ष्मी अयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनी, वैदिक रूपिणि वेदमये, क्षीर समुद्भव मंगल … Read more

श्री अर्धनारीश्वर की सहस्रनामावली (Shri Ardhanarishwar Sahasranamavali

श्री अर्धनारीश्वर की सहस्रनामावली (Shri Ardhanarishwar Sahasranamavali

श्री अर्धनारीश्वर की सहस्रनामावली (Shri Ardhanarishwar Sahasranamavali   1 ॐ अखण्डमण्डलाकाराय नमः। Om Akhandamandalakaraya Namah। 2 ॐ अखिलाण्डेकनायिकायै नमः। Om Akhilandekanayikayai Namah। 3 ॐ अमरेन्द्रार्चितपदाय नमः। Om Amarendrarchitapadaya Namah। 4 ॐ अमरारिनिषूदिन्यै नमः। Om Amararinishudinyai Namah। 5 ॐ अनादिनिधनाय नमः। Om Anadinidhanaya Namah। 6 ॐ अनन्तकोटिसूर्यसमप्रभायै नमः। Om Anantakotisuryasamaprabhayai Namah। 7 ॐ अनन्ताय नमः। Om … Read more

श्री नारायण कवच (Shri Narayan Kavach

श्री नारायण कवच (Shri Narayan Kavach

श्री नारायण कवच (Shri Narayan Kavach   ॐ श्रीगणेशाय नमः । ॐ नमो नारायणाय । अङ्गन्यासः ॐ ॐ नमः पादयोः । ॐ नं नमः जानुनोः । ॐ मों नमः ऊर्वोः । ॐ नां नमः उदरे । ॐ रां नमः हृदि । ॐ यं नमः उरसि । ॐ णां नमः मुखे । ॐ यं नमः शिरसि … Read more

संकट मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak

संकट मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak

संकट मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak ॥ हनुमानाष्टक ॥ बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो । देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो । को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो … Read more