सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra

सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra

सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra   उद्भूत-भीषण-जलोदर-भार-भुग्नाः, शोच्यां दशा-मुपगताश्-च्युत-जीविताशाः । त्वत्पाद-पंकज-रजो-मृत-दिग्ध-देहाः, मर्त्या भवन्ति मकर-ध्वज-तुल्य-रूपाः ॥ हिन्दी भावार्थ: उत्पन्न हुए भीषण जलोदर रोग के भार से झुके हुए, शोभनीय अवस्था को प्राप्त और नहीं रही है जीवन की आशा जिनके, ऐसे मनुष्य आपके चरण कमलों की रज रुप अम्रत से लिप्त … Read more

श्री कृष्णाष्टोत्तरशत नामावलिः – श्री कृष्ण के 108 नाम (Shri Krishna Ashtottara Shatanamavali

श्री कृष्णाष्टोत्तरशत नामावलिः – श्री कृष्ण के 108 नाम (Shri Krishna Ashtottara Shatanamavali

श्री कृष्णाष्टोत्तरशत नामावलिः – श्री कृष्ण के 108 नाम (Shri Krishna Ashtottara Shatanamavali   कृष्ण – ॐ कृष्णाय नमः । कमलनाथ – ॐ कमलनाथाय नमः । वासुदेव – ॐ वासुदेवाय नमः । सनातन – ॐ सनातनाय नमः । वसुदेवात्मज – ॐ वसुदेवात्मजाय नमः । पुण्य – ॐ पुण्याय नमः । लीलामानुष विग्रह – ॐ लीलामानुष … Read more

वयं राष्ट्रे जागृयाम.. (Vayam Rashtre Jagrayam

वयं राष्ट्रे जागृयाम.. (Vayam Rashtre Jagrayam

वयं राष्ट्रे जागृयाम.. (Vayam Rashtre Jagrayam   वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः – यजुर्वेद ९:२३ हिन्दी भावार्थ: हम पुरोहित राष्ट्र को जीवंत एवं जाग्रत बनाए रखेंगे। पुरोहित का अर्थ होता है जो इस पुर का हित करता है। प्राचीन भारत में शायद ऐसे व्यक्तियों को पुरोहित कहते थे, जो राष्ट्रीय-चरित्र, राष्ट्रीय-गौरव, राष्ट्रीय-मर्यादा, राष्ट्रीय-आत्मीयता, राष्ट्रीय-समृद्धि आदि की वृद्धि और … Read more

श्री हरि स्तोत्रम् (Shri Hari Stotram

श्री हरि स्तोत्रम् (Shri Hari Stotram

श्री हरि स्तोत्रम् (Shri Hari Stotram   जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायं सुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं ॥1 सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं जगत्सन्निवासं शतादित्यभासं गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रं हसच्चारुवक्त्रं भजेऽहं भजेऽहं ॥2 रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारं जलान्तर्विहारं धराभारहारं चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं ध्रुतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं ॥3 जराजन्महीनं परानन्दपीनं समाधानलीनं सदैवानवीनं जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुं त्रिलोकैकसेतुं भजेऽहं भजेऽहं ॥4 कृताम्नायगानं खगाधीशयानं विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानं स्वभक्तानुकूलं जगद्व्रुक्षमूलं निरस्तार्तशूलं भजेऽहं … Read more

मंत्र: प्रातः स्मरण – दैनिक उपासना (Pratah Smaran Dainik Upasana

मंत्र: प्रातः स्मरण – दैनिक उपासना (Pratah Smaran Dainik Upasana

मंत्र: प्रातः स्मरण – दैनिक उपासना (Pratah Smaran Dainik Upasana प्रात: कर-दर्शनम्- कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती । कर मूले तु गोविन्द: प्रभाते करदर्शनम् ॥१॥ पृथ्वी क्षमा प्रार्थना- समुद्रवसने देवि ! पर्वतस्तनमंड्ले । विष्णुपत्नि! नमस्तुभ्यं पाद्स्पर्श्म क्षमस्वे ॥२॥ त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण- ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च । गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे … Read more

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा: मंत्र (Bhagyada Lakshmi Baaramma

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा: मंत्र (Bhagyada Lakshmi Baaramma

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा: मंत्र (Bhagyada Lakshmi Baaramma   भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा । नम्मम्म नी सौभाग्यद लक्ष्मी बारम्मा ॥ हेज्जेय मेले हेज्जेयनिक्कुत गेज्जे काल्गळ ध्वनिय तोरुत । सज्जन साधु पूजेय वेळेगे मज्जिगेयोळगिन बेण्णेयन्ते ॥ 1 ॥ भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा ॥ कनक वृष्टिय करेयुत बारे मनकामनेय सिद्धिय तोरे । दिनकर कोटि तेजदि होळेयुव जनकरायन कुमारि बेग ॥ 2 … Read more

श्री काशी विश्वनाथ अष्टकम: मंत्र (Kashi Vishwanath Ashtakam

श्री काशी विश्वनाथ अष्टकम: मंत्र (Kashi Vishwanath Ashtakam

श्री काशी विश्वनाथ अष्टकम: मंत्र (Kashi Vishwanath Ashtakam   ॥ श्रीकाशीविश्वनाथाष्टकम् ॥ गङ्गातरंगरमणीयजटाकलापं गौरीनिरन्तरविभूषितवामभागम् । नारायणप्रियमनंगमदापहारं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥1॥ वाचामगोचरमनेकगुणस्वरूपं वागीशविष्णुसुरसेवितपादपीठम् । वामेनविग्रहवरेणकलत्रवन्तं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥2॥ भूताधिपं भुजगभूषणभूषितांगं व्याघ्राजिनांबरधरं जटिलं त्रिनेत्रम् । पाशांकुशाभयवरप्रदशूलपाणिं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥3॥ शीतांशुशोभितकिरीटविराजमानं भालेक्षणानलविशोषितपंचबाणम् । नागाधिपारचितभासुरकर्णपूरं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥4॥ पंचाननं दुरितमत्तमतङ्गजानां नागान्तकं दनुजपुंगवपन्नगानाम् । दावानलं मरणशोकजराटवीनां वाराणसीपुरपतिं … Read more

नटराज स्तुति – सत सृष्टि तांडव रचयिता (Sat Srushti Tandav Rachayita, Natraj Stuti

नटराज स्तुति – सत सृष्टि तांडव रचयिता (Sat Srushti Tandav Rachayita, Natraj Stuti

नटराज स्तुति – सत सृष्टि तांडव रचयिता (Sat Srushti Tandav Rachayita, Natraj Stuti   सत सृष्टि तांडव रचयिता नटराज राज नमो नमः । हे आद्य गुरु शंकर पिता नटराज राज नमो नमः ॥ गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्माडना । नित होत नाद प्रचंडना नटराज राज नमो नमः ॥ शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा चिद्ब्रह्म ज्योति … Read more

नाम त्रय अस्त्र मन्त्र (Nama Traya Astra Mantra

नाम त्रय अस्त्र मन्त्र (Nama Traya Astra Mantra

नाम त्रय अस्त्र मन्त्र (Nama Traya Astra Mantra   अच्युताय गोविन्दाय अनंताय । ॐ अच्युताय नमः ॥ ॐ गोविन्दाय नमः ॥ ॐ अनंताय नमः ॥ अग्नि पुराण में शक्तिशाली मंत्र का उल्लेख है जो सभी रोगों के लिए एक प्रभावी माना गया है। इस मंत्र का जाप विश्वास और भक्ति के साथ किया जाए, तो … Read more

श्री श्रीगुर्वष्टक (iskcon Sri Sri Guruvashtak

श्री श्रीगुर्वष्टक (iskcon Sri Sri Guruvashtak

श्री श्रीगुर्वष्टक (iskcon Sri Sri Guruvashtak   संसार – दावानल – लीढ – लोक – त्राणाय कारुण्य – घनाघनत्वम् । प्राप्तस्य कल्याण – गुणार्णवस्य वन्दे गुरोः श्रीचरणारविन्दम् ॥ 1 महाप्रभोः कीर्तन – नृत्य – गीत – वादित्र – माद्यन् – मनसो रसेन । रोमांच – कम्पाश्रु – तरंग – भाजो वन्दे गुरोः श्रीचरणारविन्दम् ॥ 2 … Read more