सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra
सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra उद्भूत-भीषण-जलोदर-भार-भुग्नाः, शोच्यां दशा-मुपगताश्-च्युत-जीविताशाः । त्वत्पाद-पंकज-रजो-मृत-दिग्ध-देहाः, मर्त्या भवन्ति मकर-ध्वज-तुल्य-रूपाः ॥ हिन्दी भावार्थ: उत्पन्न हुए भीषण जलोदर रोग के भार से झुके हुए, शोभनीय अवस्था को प्राप्त और नहीं रही है जीवन की आशा जिनके, ऐसे मनुष्य आपके चरण कमलों की रज रुप अम्रत से लिप्त … Read more