अगस्त्य सरस्वती स्तोत्रम् (Agastya Saraswati Stotram

अगस्त्य सरस्वती स्तोत्रम् (Agastya Saraswati Stotram

अगस्त्य सरस्वती स्तोत्रम् (Agastya Saraswati Stotram   ॥ श्री सरस्वती स्तोत्रम् ॥ या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥ दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण। भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥2॥ सुरासुरसेवितपादपङ्कजा करे विराजत्कमनीयपुस्तका। विरिञ्चिपत्नी कमलासनस्थिता … Read more

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् (Parameshwara Stuti Stotram

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् (Parameshwara Stuti Stotram

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् (Parameshwara Stuti Stotram   ॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयं प्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः। बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं मानय विभो गजेन्द्रे दृष्टं ते शरणद वदान्यं स्वपददम्॥1॥ न सृष्टेस्ते हानिर्यदि हि कृपयातोऽवसि च मां त्वयानेके गुप्ता व्यसनमिति तेऽस्ति श्रुतिपथे। अतो मामुद्धर्तुं घटय मयि दृष्टि सुविमलां न रिक्तां मे याच्ञां स्वजनरत … Read more

कृष्णक्रिया षटकम् (Krishna Kriyaashtakam

कृष्णक्रिया षटकम् (Krishna Kriyaashtakam

कृष्णक्रिया षटकम् (Krishna Kriyaashtakam बिनिद्र जिवोहं गहन त्रासम् संसार अनले बिधुर बासम् अनंतपुरष जगन्निवास अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ १ ॥ एकाकी बिहारं च सर्व क्रिया एकाकी कर्मो धर्मश्च सकलम् अनंतपुरष जगन्निवास अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ २ ॥ पचामी पाकोहं यथा सामर्ध्यम् फल जलेन सह बृंदा नाथ अनंतपुरष जगन्निवास अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ ३ ॥ करोमि … Read more

रामरघुनाथ अष्ठकम् (Ram Raghunath Ashtakam

रामरघुनाथ अष्ठकम् (Ram Raghunath Ashtakam

रामरघुनाथ अष्ठकम् (Ram Raghunath Ashtakam   दशरथनन्दन-दाशरथीघन- पूर्णचन्द्रतनु- कान्तिमयम् दिव्यसुनयन-रण्जीतरञ्जन – रमापतिवीर-सीतानाथम् गहनकानने-लक्ष्मीलक्ष्मीपति- पितृसत्यधारी-सत्यसुतम् पूर्णसत्यदेव-राघवमाधब-रामरघुनाथ-पदौभजे ॥१॥ मण्डितधरणी-खण्डिततनुनतमस्तकेभूषित-क्लेशभारम् सम्भबतियुगेयुगे-नानाकृतधृतरूप-अरूपस्वरूप-शस्त्रधरम् पापासुरनिधन-साधुपरित्राण-दरिद्रदारुण-त्राणमूर्त्तिम् दीर्घवक्षस्थल-कौमुदकमल- रामरघुनाथ-पदौभजे ॥ २ ॥ घनघनघनीभूत-कौशल्यासम्भूत- रामरमाकान्त-जगन्नाथम् शान्तसुशीतल-सुनील अनल-नीलतरलरल-तबमुखम् चन्दनविमर्दन-मदनमोहन-नग्ननिमग्नधीर-भक्तरमम् हस्तेशस्त्रधारी-त्रिभुबनविहारी- रामरघुनाथ-पदौभजे ॥३॥ अहल्यातारक-बलीसंहारक- शत्रुविनाशक- विश्वदेवम् प्रेमप्रदायक-ब्रह्माण्डनायक-तारणपतक-सत्यप्रियम् दशमुखमर्द्धन-भक्तप्राणधन- नित्यनिरञ्जन – सर्वसारम् सर्वमनोरञ्जन-सर्वमानभञ्जन – रामरघुनाथ-पदौभजे ॥४॥ विक्रान्तकुण्डीर-स्थिरमनोहर- दिव्यकलेवर-मायाधरम् नीरजबदन-पङ्कजलोचन-पुष्करचरण- मोक्ष्यप्रदम् रामरामहेराम- श्रीरामजयराम-रामरमणचित्तेचित्तधरम् पतिपतिसीतापति-भूपतिश्रीपति-रामरघुनाथ-पदौभजे ॥५॥ मन्दरमान्दर-सानन्दसुन्दर-तरुणधारूणपति-सृष्टिधरम् सदाप्रजाबत्सल-कोमलउत्पल-विमलश्यामल-कलेवरम् जानकीवल्लभ-तबकरपल्लव-सौरभदुर्लभ-तत्त्वसारम् … Read more

सरस्वती मंत्र (Saraswati Mantra

सरस्वती मंत्र (Saraswati Mantra

सरस्वती मंत्र (Saraswati Mantra   1. सरस्वती एकाक्षर मंत्र – ऐं॥ 2. सरस्वती द्वयाक्षर मंत्र – ऐं लृं॥ 3. सरस्वती त्रयाक्षर मंत्र – ऐं रुं स्वों॥ 4. सरस्वती दशाक्षर मंत्र – वद वद वाग्वादिनी स्वाहा॥ 5. सरस्वती मंत्र – ॐ ऐं नमः॥ 6. सरस्वती मंत्र – ॐ ऐं क्लीं सौः॥ 7. महासरस्वती मंत्र – ॐ … Read more

शम्भु स्तुति – नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं (Shambhu Stuti

शम्भु स्तुति – नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं (Shambhu Stuti

शम्भु स्तुति – नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं (Shambhu Stuti   नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥१॥ नमामि देवं परमव्ययंतं उमापतिं लोकगुरुं नमामि । नमामि दारिद्रविदारणं तं नमामि रोगापहरं नमामि ॥२॥ नमामि कल्याणमचिन्त्यरूपं नमामि विश्वोद्ध्वबीजरूपम् । नमामि विश्वस्थितिकारणं तं नमामि संहारकरं नमामि ॥३॥ नमामि गौरीप्रियमव्ययं तं … Read more

श्री तुलसी षोडशकनाम स्तोत्रम् (Shri Tulasi Shodashakanam Strotam

श्री तुलसी षोडशकनाम स्तोत्रम् (Shri Tulasi Shodashakanam Strotam

श्री तुलसी षोडशकनाम स्तोत्रम् (Shri Tulasi Shodashakanam Strotam   ॥ श्रीतुलसीषोडशकनामस्तोत्रं नामावलिश्च ॥ तुलसी श्रीमहालक्ष्मीः विद्याऽविद्या यशस्विनी । धर्म्या धर्मावनासक्ता पद्मिनी श्रीर्हरिप्रिया ॥ लक्ष्मीप्रियसखी देवी द्यौर्भूमिरचला चला । षोडशैतानि नामानि तुलस्याः कीर्तयेन्नरः । लभते सुतरां भक्तिं अन्ते विष्णुपदं लभेत् ॥ तुलस्यै नमः । श्रीमहालक्ष्म्यै नमः । विद्यायै नमः । अविद्यायै नमः । यशस्विन्यै नमः । … Read more

भूतनाथ अष्टकम् (Bhootnath Ashtakam

भूतनाथ अष्टकम् (Bhootnath Ashtakam

भूतनाथ अष्टकम् (Bhootnath Ashtakam   श्री विष्णुपुत्रं शिवदिव्यबालं मोक्ष प्रदं दिव्यजनाभिवन्द्यम् । कैलासनाथ प्रणवस्वरूपं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ १॥ अज्ञानघोरान्ध धर्म प्रदीपं प्रज्ञानदान प्रणवं कुमारम् । लक्ष्मीविलासैकनिवासरङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ २॥ लोकैकवीरं करुणातरङ्गं सद्भक्तदृश्यं स्मरविस्मयाङ्गम् । भक्तैकलक्ष्यं स्मरसङ्गभङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ३॥ लक्ष्मी तव प्रौढमनोहर श्री सौन्दर्य सर्वस्व विलासरङ्गम् । आनन्द सम्पूर्ण कटाक्षलोलं … Read more

श्रीभूतनाथमानसाष्टकम् (Shri Bhutanatha Manasa Ashtakam

श्रीभूतनाथमानसाष्टकम् (Shri Bhutanatha Manasa Ashtakam

श्रीभूतनाथमानसाष्टकम् (Shri Bhutanatha Manasa Ashtakam   श्री विष्णुपुत्रं शिवदिव्यबालं मोक्ष प्रदं दिव्यजनाभिवन्द्यम् । कैलासनाथ प्रणवस्वरूपं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ १॥ अज्ञानघोरान्ध धर्म प्रदीपं प्रज्ञानदान प्रणवं कुमारम् । लक्ष्मीविलासैकनिवासरङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ २॥ लोकैकवीरं करुणातरङ्गं सद्भक्तदृश्यं स्मरविस्मयाङ्गम् । भक्तैकलक्ष्यं स्मरसङ्गभङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ३॥ लक्ष्मी तव प्रौढमनोहर श्री सौन्दर्य सर्वस्व विलासरङ्गम् । आनन्द सम्पूर्ण … Read more

अहं ब्रह्मास्मि महावाक्य (Aham Brahmasmi

अहं ब्रह्मास्मि महावाक्य (Aham Brahmasmi

अहं ब्रह्मास्मि महावाक्य (Aham Brahmasmi   ❝ अहं ब्रह्मास्मि अर्थात अन्दर ब्रहमाण्ड की सारी शक्तियाँ है। मैं ब्रह्म का अंश हूँ। ❞ मुझमे ब्रह्म की सर्व शक्तियां हैं या ब्रह्म मुझमे है, यह केवल एक अव्यत्क विचार मात्र है? जैसे हम एक सीधे-साधे निर्धन आदमी से कहें: अरे तू तो अरबपति है। यदि उस आदमी ने कुछ … Read more