कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 19 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 19

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 19 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 19

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 19 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 19   श्री विष्णु मम् हृदय में, प्रेरणा करने वाले नाथ । लिखूँ माहात्म कार्तिक, राखो सिर पर हाथ ॥ राजा पृथु ने पूछा – हे नारद जी! अब आप यह कहिए कि भगवान विष्णु ने वहाँ जाकर क्या किया तथा जलन्धर की पत्नी … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 22 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 22

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 22 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 22

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 22 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 22   बाईसवें अध्याय की, जब लिखने लगा हूँ बात । श्री प्रभु प्रेरणा प्राप्त कर, कलम आ गई हाथ ॥ राजा पृथु ने नारद जी से पूछा – हे देवर्षि! कृपया आप अब मुझे यह बताइए कि वृन्दा को मोहित करके विष्णु जी … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 24 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 24)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 24 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 24)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 24 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 24)   लिखवाओ से निज दया से, सुन्दर भाव बताकर । कार्तिक मास चौबीसवाँ, अध्याय सुनो सुधाकर ॥ राजा पृथु बोले- हे मुनिश्रेष्ठ! आपने तुलसी के इतिहास, व्रत, माहात्म्य के विषय में कहा। अब आप कृपाकर मुझे यह बताइए कि कार्तिक मास में क्या … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 23 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 23

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 23 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 23

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 23 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 23   तेईसवाँ अध्याय वर्णन आँवला तुलसी जान । पढ़ने-सुनने से ‘कमल’ हो जाता कल्यान ॥ नारद जी बोले – हे राजन! यही कारण है कि कार्तिक मास के व्रत उद्यापन में तुलसी की जड़ में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। तुलसी … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 26 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 26

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 26 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 26

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 26 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 26   कार्तिक मास माहात्म्य, का छब्बीसवाँ अध्याय । श्री विष्णु की कृपा से, आज तुमको रहा बताय ॥ नारद जी बोले- इस प्रकार विष्णु पार्षदों के वचन सुनकर धर्मदत्त ने कहा- प्राय: सभी मनुष्य भक्तों का कष्ट दूर करने वाले श्रीविष्णु की यज्ञ, … Read more

देवोत्थान / प्रबोधिनी एकादशी व्रत कथा 2 (Devutthana Ekadashi Vrat Katha 2

देवोत्थान / प्रबोधिनी एकादशी व्रत कथा 2 (Devutthana Ekadashi Vrat Katha 2

देवोत्थान / प्रबोधिनी एकादशी व्रत कथा 2 (Devutthana Ekadashi Vrat Katha 2   एक राजा था, उसके राज्य में प्रजा सुखी थी। एकादशी को कोई भी अन्न नहीं बेचता था। सभी फलाहार करते थे। एक बार भगवान ने राजा की परीक्षा लेनी चाही। भगवान ने एक सुंदरी का रूप धारण किया तथा सड़क पर बैठ … Read more

कामदा एकादशी व्रत कथा (Kamada Ekadashi Vrat Katha

कामदा एकादशी व्रत कथा (Kamada Ekadashi Vrat Katha

कामदा एकादशी व्रत कथा (Kamada Ekadashi Vrat Katha   धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे: हे भगवन्! मैं आपको कोटि-कोटि नमन करता हूँ। आपने चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी अर्थात पापमोचनी एकादशी के बारे मे विस्तार पूर्वक बतलाया। अब आप कृपा करके चैत्र शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? तथा उसकी विधि एवं महात्म्य क्या है? भगवान श्रीकृष्ण ने कहा: हे … Read more

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त (Ram Ke Rajtilak Me Nimantran Se Chhute Bhagwan Chitragupt)

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त (Ram Ke Rajtilak Me Nimantran Se Chhute Bhagwan Chitragupt)

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त (Ram Ke Rajtilak Me Nimantran Se Chhute Bhagwan Chitragupt)   कहते है, जब भगवान राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत थे। भरत ने गुरु वशिष्ठ को भगवान राम … Read more

भगवान दत्तात्रेय जन्म | पतिव्रता सती माता अनसूइया की कथा (Pativrata Sati Mata Ansuiya Ki Katha

भगवान दत्तात्रेय जन्म | पतिव्रता सती माता अनसूइया की कथा (Pativrata Sati Mata Ansuiya Ki Katha

भगवान दत्तात्रेय जन्म | पतिव्रता सती माता अनसूइया की कथा (Pativrata Sati Mata Ansuiya Ki Katha     भगवान को अपने भक्तों का यश बढ़ाना होता है तो वे नाना प्रकार की लीलाएँ करते हैं। श्री लक्ष्मी जी, माता सती और देवी सरस्वती जी को अपने पतिव्रत का बड़ा अभिमान था। तीनों देवियों के अभिमान … Read more

महालक्ष्मी व्रत कथा (Mahalakshmi Vrat Katha

महालक्ष्मी व्रत कथा (Mahalakshmi Vrat Katha

महालक्ष्मी व्रत कथा (Mahalakshmi Vrat Katha   प्राचीन काल की बात है, एक गाँव में एक ब्राह्मण रहता था। वह ब्राह्मण नियमानुसार भगवान विष्णु का पूजन प्रतिदिन करता था। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे दर्शन दिये और इच्छा अनुसार वरदान देने का वचन दिया। ब्राह्मण ने माता लक्ष्मी का वास अपने … Read more