लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे मईया को सजाएंगे

लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे मईया को सजाएंगे,
घर में जगराता करवा के मईया को बुलाएंगे ll

पवन चौकी पर मल मल की, हम चादर को विछाएँगे
उस पे लगा के माँ का आसन धूप और दीप जलाएंगे
भेंटे मन से गाएंगे, जयकारे लगाएंगे,
घर में जगराता करवा के, मईया को बुलाएंगे,
लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे, मईया को सजाएंगे।।

जब आएगी मईया घर में, घर पावन हो जाएगा
मन को निर्मल कर देगी माँ, आनंद मंगल छाएगा
माँ को भोग लगाएंगे, जयकारे लगाएंगे,
घर में जगराता करवा के, मईया को बुलाएंगे
लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे, मईया को सजाएंगे।।

माँ की किरपा मेरे घर में, रौनक खूब बढ़ाएगी
खोई खुशियाँ मेरे घर की, सब वापस आ जाएगी
सेवा में लग जाएंगे, जयकारे लगाएंगे,
घर में जगराता करवा के, मईया को बुलाएंगे,
लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे, मईया को सजाएंगे।।

मांगेगे माता से यह वर, छोड़ मेरा घर न जा
मईया अपने बच्चों पर, रखना आँचल का तूँ साया
माँ की महिमा गाएंगे, जयकारे लगाएंगे,
घर में जगराता करवा के, मईया को बुलाएंगे
लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे, मईया को सजाएंगे।।

तूँ जो रहेगी साथ हमारे, दूर रहेंगे दुःख सारे
तेरी दया से चमक जाएंगे, किस्मत के मेरे तारे
अपना शीश झुकाएंगे, जयकारे लगाएंगे,
घर में जगराता करवा के, मईया को बुलाएंगे,
लाल चुनरिया ओढ़ाएंगे, मईया को सजाएंगे।।

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