mera koi na sahara bin tere sidh balak nath ji mere

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे
पाए आन दुखांने मेनू घेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

जदों मैं इस दुनिया ते आया सारा बचपन खेड़ के लंघाया
रह्या भूल्या शाम सवेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

फिर बचपन लंघ्या जवानी आयी मेरे मन विच सी मनमानी आयी
बाबा किते मै पाप भतेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

जद गयी जवानी बुढ़ापा आया फिर रोगां ने मेनू घेरा पाया
दसां दुख तेनु केड़े केड़े सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

हुन नाथ मेरे ते कर्म करो वांग प्रीत बलिहार दे कष्ट हरो
तेरे नाम दी माला तिलक फेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

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