Shri Mata Vaishno Devi Darshan | Mata Rani ke pheli baar darhsan kiye

Shri Mata Vaishno Devi Darshan | Mata Rani ke pheli baar darhsan kiye Peace Mantra


Vaishno Devi (also known as Durga, Mata Rani, Trikuta, Ambe and Vaishnavi) is a folk manifestation and a form of the Supreme Hindu Mother Goddess, Adishakti also referred to as Durga. The words “Maa” and “Mata” are commonly used in India for mother, and thus are often heavily used in connection with Vaishno Devi. Vaishnavi was formed from the combined energies of Parvati, Lakshmi, and Saraswati having the principal energy of Durga overall. The temple is located in Katra, India.

Instagram:

Copyright Disclaimer under Section 107 of the copyright act 1976, allowance is made for fair use for purposes such as criticism, comment, news reporting, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favour of fair use.
bhajan mata ke [संगीत] [संगीत] ओ मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया हूं पहली बार आया हूं पहली बार आया हूं मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं [संगीत] [प्रशंसा] खुदा [संगीत] मैन के भवन जाने का रास्ता किधर से किधर

से है या उधर से है [संगीत] [संगीत] [संगीत] जय [संगीत] मैन तलाई बेटी आगे भी ले जाओ ना की मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] इतना शीतल जल यह कौन सा स्थान है बेटे [संगीत] माता मंदिर मिट्टी को करवा के प्रस्थान

करें महिमा चाहा मैया जग कल्याणी माफ करना मेरी भूल मैंने माथे पे लगाई तेरे चरणों की धूल अरे यहां तलाक तो लाई बेटी आगे भी ले जाओ ना मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया ए [संगीत] [संगीत] जा सकता [संगीत] यह हम कहां पहुंचे [संगीत]

माता वैष्णो रानी ऊपर पवन गुफा में पिंडी रूप में प्रकट हुई माता धन्य तेरी शक्ति मिलती पांव से मुक्ति करके तेरी भक्ति अरे यहां गलत तो नहीं बेटी आगे भी ले जाओ ना मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया हूं [संगीत] ए [संगीत]

मेरी मैया इतनी चढ़ाए यह कौन सा स्थान है बेटी तेरे मेरे रास्ते रन भाई देखो सामने वो देखो संग छत के दिखाई परदेसी यहां कुछ खा लो पी लो थोड़ा आराम कर लो बस थोड़ी यात्रा और रह गई है [संगीत] मुझको मुकाम ए गया माता वैष्णो का निकट ही था मगर यहां तलाक

तो लपेटी आगे भी ले जाओ ना मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया हूं [संगीत] खुदा नजर है आखिर हम मैन के भवन पहुंचे गए ना यह पवन गुफा किधर है बेटी एक सामने छुपा है मैं ये रानी का जूवारा यहां रूपकटहरा

ना हाल थाली पूजन निक लाल लाल चुन्निया पे सर पे बनवा लो बिन मांगे यहां से बने गुफा से बाहर आकर कांच के बिठाते हैं उनको हलवा पुरी और दक्षिण लेकर आशीर्वाद पाते हैं और लौटते समय भैरो दर्शन करने से ही यात्रा संपूर्ण मणि जाती है [संगीत]

दमन खुशियों से आनंद से भर दिया हेच बुलावा अगले बरस भी परदेसी को बुलाओ मैन हर salahunga जैसे इस बार आया हूं मैं परदेसी ओ मैया मैं परदेसी परदेसी मैं परदेसी हूं पहली बार आया हूं दर्शन करने मैया के दरबार आया हूं [संगीत] [संगीत] #Shri #Mata #Vaishno #Devi #Darshan #Mata #Rani #pheli #baar #darhsan #kiye
Peace Mantra More From Bhakti.Lyrics-in-Hindi.com

Leave a Comment