#Trending Aarti Collection – संपूर्ण आरती संग्रह – सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली आरतियां – Bhajan 2024

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🔴सभी देवी देवताओ को मनाने के लिए सुनें आरती संग्रह || Chalisa Sangrah || Top Bhakti Song Collection

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bhajan lyrics [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जकी पार्वती पिता महादेवा माता जा की पार्वती पिता महादेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता ज की पार्वती पिता महादेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता [संगीत] महादेवा

एकदंत दयावंत चार भुजाधारी एकदंत दयावंत चार भुजा दारी माथे सिंदूर सोहे मुसे की सवारी माथे सिंदूर सोहे मुस की सवारी एकदंत दयावंत चार भुजाधारी माथे सिंदूर सो है मुसे की सवारी एक दंत दयावंत चार भुजाधारी माथे सिंदूर सोहे मुस की सवारी जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाती पार्वती पिता [संगीत]

महादेवा पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े में वा कान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा लडन को भोग लगे संत करे सेवा डुवन को भोग लगे संत करे सेवा पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा लडन को भोग लगे संत करे सेवा पान चढ़े फूल

चढ़े और चढ़े मेवा लडन को भग लगे संत करे सेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाती पार्वती पिता [संगीत] महादेवा अंधन को आख देत कोणन को काया अंधन को आख देत कोणन को या बाजन को पुत्र देत निर्धन को माया बांझ को पुत्र देत निर्धन

को माया अंधन को आंख देत कोणन को काया पाजन को पुत्र देत निर्धन को माया अंधन को आख देत कोणन को काया बाजन को पुत्र देत निर्धन को माया सूर श्याम शरण आए सफल की जय सेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाती पार्वती पिता [संगीत]

महादेवा दनन की लाज राखो शंभू सुत वारी दनन की लाज राखो शंभु सुत कामना को पूरा करो जग बलिहारी कामना को पूरा करो जग बलिहारी दनन की लाज राखो शंभु सुत बरी कामना को पूरा करो जग बलिहारी दनन की लाज राखो शंभु सतवारी कामना को पूरा करो जग

बलिहारी जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाती पार्वती पिता महादेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाती पार्वती पिता महा देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाति पार्वती पिता महादेवा [संगीत] ओम जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता तुमको तु को निस दिन

सेवत तुमको निस दिन सेवत हर विष्णु धाता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता ओम जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता तुमको जिस दिन सेव मैया जी को निस दिन सेवत हर विष्णु दाता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] [संगीत] माता उमार मा ब्रहमांड तुम ही जग मैया तुम ही जग माता सूर्य चंद्र मा

द्याव सूर्य चंद्र मा द्याव नारद ऋषि गाता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता दुर्ग रूप निरंजनी सुख संपति दाता मैया सुख संपति [संगीत] दाता जो कोई तुमको ध्यावत जो कोई तुमको जावत रिद्धि सिद्धि धन पाता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता तुम पाताल निवासिनी तुम ही शुभ दाता मैया तुम ही शुभ [संगीत] दाता

कर्म प्रभाव प्रकाशिनी कर्म प्रभाव प्रकाशिनी भव निधि की दाता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता जिस धर तुम रहती तह सब सदगुण आता मैया सब सद गुण [संगीत] आता सब संभव हो जाता सब संभव हो जाता मन नहीं घबराता ओम जय लक्ष्मी माता [संगीत] तुम बिन यज्ञ ना होते वस्त्र ना हो

पाता मैया मस ना हो पाता खान पान का वैभव खान पान कावे भव सब तुमसे आता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता शुभ गुण मंदिर सुंदर शेरो दध जाता लोध की जाता रत चतुर्दश तुम बिन रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं [संगीत] पाता ओम जय लक्ष्मी माता महालक्ष्मी जी की आरती जो कोई नर

गाता मैया जो कोई नर [संगीत] गाता और आनंद सता और आनंद सता पाप उतर जाता ओम जय लक्षमी ी माता ओम जय लक्ष्मी [संगीत] माता मैया जय लक्ष्मी माता तुमको निस दिन सेवत मैया जी को निस दिन सेवत हर विष्णु दाता ओम जय लक्ष्मी माता ओम जय लक्ष्मी माता ओम जय लक्ष्मी [संगीत]

माता ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश [संगीत] हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे ओम जय जगदीश हरे ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भत जनों के संकट सास जनों के संकट क्षण में दूर करे ओम जय जगदीश हरि [प्रशंसा] [संगीत]

जो ध्यावे फल पावे दुख बिन से मन का स्वामी दुख बिन से मन का सुख संपति घर आवे सुख संपति घर आवे कष्ट मिटे तन का ओम जय जगदीश [संगीत] हरि मात पिता तुम मेरे शरण गह मैं किसकी स्वामी शरण ग मैं किसकी तुम बिन और ना दूजा प्रभु बिन और ना

दूजा आस करू मैं [संगीत] जिसकी ओम जय जगदीश [संगीत] हरे [संगीत] तुम पूरण परमात्मा तुम सबके स्वामी प्रभु तुम सबके स्वामी पारब्रह्म परमेश्वर पारब्रह्म परमेश्वर तुम सब के स्वामी ओम जय जगदीश [संगीत] हरे तुम करुणा के सागर तुम पालन करता स्वामी तुम पालन करता मैं मूरख कल का

मैं सेवक तुम स्वामी कृपा करो भरता ओम जय जगदीश [संगीत] हरे तुम हो एक अगोचर सबके प्राण पति स्वामी सबके प्राण पति किस विधि मिल ह दयामय किस विधि मिल दयामय तुम को मैं कुमती ओम जय जगदीश [संगीत] हरे [प्रशंसा] दीन बंधु दुख हरता तुम ठाकुर मेरे स्वामी तुम ठाकुर मेरे अपने हाथ

उठाओ अपनी शरण लगाओ द्वार पड़ा तेरे ओम जय जगदीश [संगीत] हरे विषय विकार मिटाओ पाप हरो देवा स्वामी पाप हरो देवा श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ श्रद्धा प्रेम बढ़ाओ संतन की सेवा ओम जय जगदीश [संगीत] हरि तन मन धन सब तेरा सब कुछ है तेरा स्वामी सब कुछ है

तेरा तेरा तुझको अर्पण तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा ओम जय जगदीश हरे ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संपट दास जनों के संपट क्षण में दूर करे ओम जय जगदीश हरि ओम जय जगदीश हरि ओम जय जगदीश [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] हरि ओम जय अम से

होरी मैया जय श गरी तुमको निश दिन ध्यावत मैया जी पुन दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ओम जय अं [संगीत] गौरी माध सिंदूर विराजत प मग मज को टे को मृग मद को उजल से दो नैन उज्जवल से दो नैना ंद वदन नि को ओम जय अंबी गौरी नथ समान कलेवर र तांबर

राजे मैया र कांबर राधे रक्त पुष्प गल माला रक्त पुष्प गल माला कंठन परसादी ओम जय अंबे गरी कहरे वाहन राजते कग थ पर ी मैया खड़ग को पधार सुर नर मुनि जन सेवत सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुख हारी ओम जय अं गरी नन पुंडल शोभित सा ग्र

मोती मैया ला सा ग्र मोती कोटिक चंद्र दिवाकर कोटिक चंद्र दिवाकर सब राजत ज्योति ओम जय अमरी शुंभ नि शुंभ विद महिषा सुर धाती मैया महिषा सुर [संगीत] धाती धुम विलोचन नना धुम विलोचन नैना निस दिन मद माती ओम जय [संगीत] अंबरी ंड मुंड संहार शोणित बीज हरे मैया शोणित बीज

हरे मधु केटब दो मार मधु केटब जो मार सुर भन हरे ओम जय अंबे गर ब्रहण ानी तुम कमला रानी मैया तुम कमला रानी आगम निगम बखानी आगम निगम बखानी तुम शिव फट रानी ओम जय अंबेले कट योग नि गावत नित्य करत भैरो मैया नृत्य करत

भैरो बाजत ताल मृ दमदा बाजत ताल मृदंग हरु बाजत डमरू ओम जय अंबे गौरी तुम ही जग की माता तुम ही हो भरता मैया तुम ही हो भरता भक्तन की दुख हरता भक्तन की दुख हरता सुख संपत करता हूं ओम जय अंबे गौर भु जाचार्य अति शोभित बर मद्रा धारी मैया बर मुद्रा

धारी मन वांछित फल पावत मनवांछित फल पावत देवत नर नारी ओम जयम कंचन धन विराजत अगर कपर बाती मैया अगर कपर बाती श्री मालकी तुम राजत श्री मालकी तुम राजत कोटि रतन ज्योति ओम अंबे [प्रशंसा] गरी श्री अंबे जी की आरती जो कोई नर गावे मैया जो कोई नर गावे कहते शिवानंद

स्वामी कहते शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ओम जय अंबे गौरी ओम जय अंबे गौरी मैया जय श्यामा गौरी तुमको निश दिन ध्यावत तुमको निश दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा [संगीत] शिवरी ओम जय अंबे गौरी ओम जय अमे घरी ओम जय अमे [संगीत] [प्रशंसा] हरी जय शिव ओमकारा हर जय शिव ओमकारा ब्रह्मा विष्णु

सदाशिव भोले भोलेनाथ महाशिव अर्धांग निधारा ओम जय शिव ओमरा कानन चतुर नन पंचानन राजे बोले पंचानन राजे हं सासन गरुड़ासन हंसा सन गरुड़ासन प्रस वाहन साजे ओम जय शिव ओम दादा स भुज चार चतुर्भुज सस भुज अति सोहे बोले दस भुज अति सोहे तीनों रूप नि

रखता भोले जी के दर्शन करता तिरुवन जन मोहे ओम जय शिव ओमकार [संगीत] अक्ष माला वनमाला मुंड माला धारी बोले मुंड माला धारी चंदन मृग मद सोहे चंदन मृग मद सोहे भाल शशि धारी ओम जय शिव ओमकारा पीतांबर पीतांबर बाघम अंगे बोले बागा अे सनकादिक भूता दिक सनकादिक भूता आदिक गण आदिक

ंगे ओम जय शिव ओमकारा करर्म दृष्ट क मंडलो चक्र त्रिशूल धरता बोले चात शुल [संगीत] धरता सुख करता दुख हरता सुख करता दुख हर जग पालन करता ओम जय शिव ओम धारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जनत अ विवेका बोले जानत [संगीत] अवेका प्रणवा शर के मध्य ण वार के मध्य यह तीनों

एका ओम जय शिव ओमकारा त्रिगुण शिव जी की आरती क्यों कोई नर गावे बोले प्रेम सहित गावे कहत शिवा नंद स्वामी बजत हरि हर स्वामी मन वंचित फल पावे ओम जय शिव ओमकारा जय शिव ओमकारा हर जय शिव ओमकारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव भोले भोलेनाथ महाशिव अर्धांग निधारा ओम जय शिव

ओमकारा ओम जय शिव ओमकारा ओम जय शिव [संगीत] ओमकारा [संगीत] [संगीत] ओम जय लक्ष्मी रमणा स्वामी जय लक्षमी रमणा सत्य नाराय यण स्वामी सत्यनारायण स्वामी जन पातक हर ओम जय लक्ष्मी रमणा ओम जय लक्ष्मी रमणा स्वामी जय लक्ष्मी रमणा सत्य नारायण स्वामी त नारायण स्वामी जन पातक हरना ओम जय लक्ष्मी [संगीत]

रमणा रतन जड़ित सिंहासन अद्भुत छवि राजे स्वामी अदभुत छरा नारद करत निराजन नारद करत निराजन घंटा वन बाजे ओम जय लक्ष्मी [संगीत] रमणा प्रकट भई कलि कारण धज को दरस दियो सगज को दरस दियो बूढ़ो ब्राह्मण बनकर बूढ़ो ब्राह्मण बनकर कंचन महल कीयो ओम जय लक्ष्मी [संगीत] रमणा दुर्बल भील

कठोर जिन पर कृपा करी स्वामी जीन पर कृपा करी चंद्र चूड़ एक राजा चंद्र चूड़ एक राजा तिन के विपत हरे ओम जय लक्ष्मी रमना वेश मनोरथ आयो श्रद्धा तज दिनी स्वामी श्रद्धा तज दि सो फल भाग्य प्रभु जी सो फल भाग्य प्रभु जी फिर स्तुति की नहीं ओम जय लक्ष्मी रमना [संगीत]

भव भक्ति के कारण छिन छिन रूप धरयो स्म छिन छिन रूप धरयो श्रद्धा धारण कीनी श्रद्धा धारण कीनी तिनको काज सो ओम जय लक्ष्मी [संगीत] रमणा ग्वाल बाल संग राजा वन में भक्ति करी स्वामी वन में कर मनवांछित फल दीनो मनवांछित फल दीनो दीन दयालु हरि ओ जय लक्ष्मी [संगीत] रमणा जड़त प्रसाद

सवाय कजली फल मेवा स्वामी कदले फल देवा धूप दीप तुलसी से धूप दीप तुलसी से राजी सत्य देवा ओम जय लक्ष्मी नम सत्यनारायण जी की आरती जो कोई नर गावे स्वामी प्रेम सहित गावे रिधि सिधि सुख संपति रिधि सिधि सुख संपति सहज रूप पावे ओम जय लक्ष्मी रमणा ओम जय लक्ष्मी

रमणा स्वामी जय लक्ष्मी रमणा सत्य नारायण स्वामी सत्य नारायण स्मी जन पातक हर ओम जय लक्ष्मी रमणा ओम जय लक्ष्मी रमणा ओम जय लक्ष्मी [संगीत] रमणा ओम जय श्री श्याम हरे प्रभु जय श्री श्याम हरे निज भक्तन के तुमने निज भक्तन के तुमने काम करे हरि ओम जय श्री श्याम

हरे ओम जय श्री श्याम हरे प्रभु जय श्री श्याम म हरे निज भक्तन के तुमरे निज भक्तन के तुमने पूरण काम करे हरि ओम जय श्री श्याम [संगीत] हरे गल पुष्पों की माला सिर पे मुकुट धरे स्वामी सिर पे मुकुट धरे पित बसन पिता भर पित बसन पीता भर कुंडल करन

पड़े हरि ओम जय श्री श्याम हरे रतन सिंहासन राजत सेवत भक्त खड़े स्वामी सेवत भत खड़े हे वत धूप अग्नि पर हे वत धूप अग्नी पर दीपक ज्योति हरे हरि ओम जय श्री श्याम [संगीत] हरे मोदक खीर चूरमा सुवन थाल भरे स्वामी सुरन थाल भरे सेवक भोग लगावत सेवक भोग

लगावत सिर पर जवर ढोरे हरि ओम जय श्री श्याम हरे भाजन गाड़ घड़िया बोल शंख मृदंग होरे स्वामी शंख मृदंग ूरे भक्त आरती गावे भक्त आरती गावे जय जयकार करे हरि ओम जय श्री श्याम [प्रशंसा] [संगीत] हरि जो ध्यावे पल पावे सब दुख से उपरे स्वामी सब दुख से

उपरे सेवक जब निज मुख से सेवक जब निज मुख से श्री श्याम श्याम उरे हरि ओम जय श्री श्याम हरे श्री श्याम बिहारी जी की आरती जो कोई नरगावे स्वामी जो कोई नरगावे गावत दास मनोहर गावत दास मनोहर मनवा चित पावे हरि ओम जय श्री श्याम [संगीत] [संगीत] हरे जय संतोष

माता मैया जय संतो श माता अपने सेवक जन को अपने सेवक जन को सुख संपति दाता जय संतोषी माता जय संतोषी माता मैया जय संतोष माता अपने देवक जन को अपने सेवक जन को सुख दंपति दाता है संतोष मा [संगीत] सुंदर चीर सुनहरी मा धारण किन हो मैया माधार किन

हो हीरा पन्ना दम के हीरा बन दम के न श्रृंगार लीन हो है संतोषी माता मेरूला ला छटा छवी वदन कमल सोहे मैया बदन कमल होहे मंद हसत करुणामई मंद हसत करुणामई त्रिभुवन मन मोहे जय संत शी [संगीत] माता स्वर्ण सिंहासन बैठी चावर ढोरे प्यारे मैया चम ढोरे प्यारे धूप दीपने

भद धूप दीप ने भद मधु मेवा भोग धरे न्यारे है संतोषी माता रचना परम प्रिय ता में संतोष कियो मैया का में संतोष कियो संतोष कहलाई संतोषी कहलाई भगत जन विभव [संगीत] दियो संतोषी [संगीत] माता शुक्रवार प्रिय मानस आज दिवस को ही मैया आज दिवस को ही भगत मंडली आई भगत मंडली

आई कथा सुनत मोही हे संतोषी [संगीत] माता मंदिर जग मघ ज्योति मंगल धवनी छाई मैया मंगल ध्वनि छई विनय करे हम बालक विनय करे हम बालक चरणन सिर नाई है संतोषी [संगीत] माता भक्ति भाव मया पूजा अंगीकृत कीज मैया अंगीकृत कीजिए जो मन बसे हमारे जो मन बसे हमारे इच्छा फल

दीजिए है संतोषी माता दुखी दरिद्री रोगी संकट मुक्त ीजे मैया संकट मुक्त ीजे बहु धन धान्य भरे घर बहु धन धान्य भरे घर सुख सौभाग्य दीज है संतोषी [संगीत] माता ध्यान धरो जाने तेरी मनवा चित फल पायो मैया मनवा चित फल पायो पूजा कथा श्रवण कर पूजा कथा श्रवण कर घर आनंद [संगीत]

आयो संतोषी माता शरण गहे की लज्जा राखियो जगदंबे मैया राखियो जगदंबे संकट तू ही [संगीत] निवारे संकट तू ही निवारे दयामई मा अंबे है संतोषी [संगीत] माता संतोषी मां की [संगीत] आरती जो कोई जन गावे मैया जो कोई जन रिधि सीध सुख संपति रिधि सिधि सुख संपति जी भर के पावे है संतोषी

[संगीत] माता [संगीत] जय शितला माता मैया जय शीतला माता आदि ज्योति महारानी आदि ज महारानी सब फल की दाता जय शितला माता जय शितला माता मैया ज शितला माता आदि ज्योति महारानी आ ज्योति महारानी सबब फल कीी दाता जय शितला [संगीत] माता रतन सिंहासन शोभित चतुर भाता मैया शत चतुर

भाता रिद्धि सिद्धि चावर डोला में रिद्धि सिद्धि चावर ढोला में जगमग छवि [संगीत] छाता शितला माता विष्णु सेवत ठाड़े सेवे शिव धाता मैया सेवे शिव धाता वेद पुराण वर्त वेद पुराण वर्णित पार नहीं पाता है शितला [संगीत] मदा इंद्र मृदंग बजाव चंद्र विणा था मैया चंद्र विणा हाथा सूरज ताल बजावे सूरज ताल

बजावे नारद मुनि गाता ज शीतला माता घंटा शंख शहनाई बाजे मन भाता मैया बाजे मन भाता करे भक्त जन आरती करे भक्त जन आरती लखी लखी हर शता है शितला [संगीत] माता धम्म रूप वरदानी तू ही दिन काल ज्ञाता मैया तू ही दिन काल जाता भक्तन को सुख देती भक्तन को सुख

देती मात पिता भता है शितला माता जो जन ध्यान लगावे प्रेम शक्ति पाता मैया प्रेम शक्ति पाता सकल मनोरथ पा सकल मनोरथ पावे भव निधर जाता जय शितला [संगीत] माता लोगों से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता मैया शरण तेरी आता गढी पावे निर्मल काया गढी पवे निर्मल काया अंध नेतल [संगीत]

पाता शितला बांझ पुत्र को पावे िद कटे सारा स्वामी िद कटे रा को भज जो नाही ता को भजे जो नाही सिर धुनि पछताता शीतला [संगीत] वाता शीतल करती जनकी तू है जग दता मैया तू है जग दता उत पति बाला विनाश उत्पति भाला विनाश तू सबकी [संगीत] माता ला दास नारायण

करर तुम जोरी माता मैया तुम जोरी माता भगत भ अपनी दीज भगति अपनी दीज और ना कुछ माता ज [संगीत] शीतलता [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आरती की जय हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की आरती की जय हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की जा के बल से गिरवर

कापे रोग दोष जाके निकट न झा के अंजनी पुत्र महावल दई संतन के प्रभु सदा सहाई देवीरा रघुनाथ पठाई लंका जर सिया सु दिलाए लंका स कोट समुद्र सिखाई जात पवन सत बार ना लाई लंका जार असुर संघार सियाराम जी के काज सवारे लक्ष्मण मूर्चित पड़े सकारे लानी संजीवन प्राण

उभारे पैटी पाताल तोरी जमका अहि रावण की बुझा उखारे बाय बुझा असुर संघार दाहिने बुझा संत जन तारे सुर नर मुनि जन आरती उतारे जय जय जय हनुमान उचार कंचन थार कपूर लो छाई आरती करत है अंजना माई जो हनुमान जी की आरती गावे बैसे बैकुंठ परम पद पावे लंका विद वंश किए

रघुराई तुलसीदास स्वामी कीरती गाए आरती की जय हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की आरती की हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की आरती की ज हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला [संगीत] की #Trending #Aarti #Collection #सपरण #आरत #सगरह #सबस #जयद #सन #जन #वल #आरतय #Bhajan
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